Thursday, October 28, 2021
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Ranshi bjp mla bhanu pratap shahi attacked cm hemant soren for his remarks on bhojpuri and magahi language nodmk8 – Jharkhand: CM हेमंत सोरेन पर बरसी BJP, कहा



रांची. हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) द्वारा मगही और भोजपुरी (Bhojpuri) बोलने वालों को बलात्कारी बताए जाने पर झारखंड बीजेपी (Jharkhand BJP) के विधायक भानु प्रताप शाही (Bhanu Pratap Shahi) भड़क गए हैं. उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पंथ मजहब के आधार पर भाषा को बांटना उचित नहीं है. मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि मगही और भोजपुरी भाषा से नफरत और पाकिस्तानी भाषा उर्दू से प्यार कैसा है.
शाही ने कहा कि हेमंत सोरेन नमाज नीति के तहत धर्म से धर्म और अब भाषा को भाषा से लड़वाना चाहते हैं. बीजेपी इसकी घोर निंदा करती है. यह नियोजन नीति के अंदर तुष्टिकरण है. भाषा के आधार पर बलात्कारी, दुष्कर्मी बताना असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि नियोजन नीति में मैथली, अंगिका, भोजपुरी और मगही को तुष्टिकरण के तहत हटा दिया गया. मुख्यमंत्री ने हिंदी का अपमान करने का कार्य किया है.
बीजेपी विधायक ने कहा कि जनजातीय भाषा की पढ़ाई की वस्तु स्थिति को लेकर विधानसभा में सत्र के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के विधायक सीता सोरेन ने प्रश्न किया था, जिस पर सरकार ने जवाब दिया था कि जनजातीय भाषा की पढ़ाई की योजना तैयार की जा रही है. उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में सिर्फ और सिर्फ उर्दू पढ़ने वाले युवाओं को रोजगार दिए जाने की नीति है. इससे अन्य क्षेत्रीय भाषा पढ़ने वाले लोगों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है. यह सीधे-सीधे तुष्टिकरण की नीति को परिभाषित कर रहा है. साथ ही तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में आदिवासी मूलवासी को बाहर रखने की तैयारी है.

झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने भोजपुरी और मगही भाषा को लेकर चौंकाने वाली बात कह दी है (फाइल फोटो)

CM हेमंत सोरेन के भोजपुरी व मगही पर बयान देने से भाषायी विवाद 
बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते शनिवार को भोजपुरी (Bhojpuri) और मगही भाषा को लेकर बयान दिया है, जिससे झारखंड में भाषाई विवाद गहरा गया है. उन्‍होंने कहा कि इन दोनों भाषाओं को बोलने वाले डोमिनेटिंग (आक्रामक) लोग हैं. भोजपुरी और मगही बिहार की भाषा है, झारखंड की नहीं. झारखंड का बिहारीकरण क्‍यों किया जाए? उन्होंने कहा कि महिलाओं की इज्‍जत लूटकर भोजपुरी भाषा में गाली दी जाती है. झारखंड आंदोलन की जंग आदिवासी और क्षेत्रीय भाषाओं के दम पर लड़ी गई थी, भोजपुरी और मगही भाषा की बदौलत नहीं.
एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्‍यू में मुख्यमंत्री ने कहा था कि झारखंड आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों की छाती पर पैर रखकर, महिलाओं की इज्जत लूटते वक्त भोजपुरी भाषा में ही गाली दी जाती थी. उन्‍होंने कहा कि आदिवासियों ने झारखंड को अलग राज्य बनाने की लड़ाई क्षेत्रीय भाषाओं के दम पर लड़ी है न कि भोजपुरी और हिंदी भाषा की बदौलत. उन्होंने आगे कहा कि वो किसी भी हालत में झारखंड का बिहारीकरण नहीं होने देंगे.पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi. .



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