Monday, October 25, 2021
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झारखंड के 65 हजार पारा शिक्षकों का खत्म होगा वनवास, सेवा शर्त तैयार करने के लिए सरकार ने गठित की कमिटी



रांची. बिहार में शिक्षकों के सेवा शर्त की तर्ज पर झारखंड के 65 हजार पारा शिक्षकों के लिए नियमावली तैयार की जाएगी. पारा शिक्षकों के स्थायीकरण एवं वेतनमान नियमावली तैयार करने के लिए कमिटी गठित कर दी गई है. शिक्षा सचिव राजेश शर्मा के निर्देश पर राज्य परियोजना निदेशक शैलेश कुमार चौरसिया की अध्यक्षता में कमिटी गठित की गई है. यह कमिटी एक सप्ताह में नियमावली का ड्राफ्ट तैयार करेगी. 4 सदस्यीय कमिटी में प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के उप निदेशक प्रदीप कुमार चौबे, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी जयंत कुमार मिश्र, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के अवर सचिव अरविंद कुमार सिंह तथा राज कार्यक्रम पदाधिकारी ममता एलिजाबेथ लकड़ा शामिल हैं.

शिक्षा विभाग का प्रभार मिलते ही शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पारा शिक्षकों की समस्या को दूर करने में जुट गये हैं. उन्होंने नियमावली को लेकर 18 और 23 अगस्त को अधिकारियों व पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठक की. बैठक में इस मसले का जल्द समाधान निकालने का निर्देश दिया.

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा मंत्री के इस प्रयास पर खुशी जताया. मोर्चा ने कहा कि राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों का 18 वर्षों का बनवास अब समाप्त होने वाला है. शिक्षा मंत्री ने उनकी सालों पुरानी इस मांग को पूरा करने में अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. इसके लिए पारा शिक्षक उनके आभारी रहेंगे.

राज्य में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत 65 हजार पारा शिक्षकों के लिए नियमावली तैयार होगी. कमिटी का यह दायित्व होगा कि वह एक सप्ताह के अंदर पारा शिक्षकों के लिए वेतनमान आधारित संपूर्ण मानदेय एवं सेवा शर्तों के लिए बिहार की तर्ज पर नियमावली तैयार कर प्रस्तुत करेगी. प्रथम प्रारूप 23 अगस्त को शिक्षा सचिव के अवलोकन एवं समीक्षा के लिए पेश किया जाएगा.

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